Friday, 30 April 2021

प्राईड ऑफ भारत के बाद अब मिस्टर, मिस एन्ड मिसेस प्राइड ऑफ भारत संबंधी ब्यूटी पेजेंट || After Pride of Bharat, Mr., Miss and Mrs. Pride of Bharat beauty pageant to be organized soon

 

जयपुर। गठजोड़ फिल्म्स एंड एंटरटेनमेंट एवं गठजोड़ ग्रुप शीघ्र ही ब्यूटी पैजेंट का आयोजन करने जा रहे है, कोरोना काल के मद्देनजर यह ब्यूटी पैजेंट इस वर्ष वर्चुअल रूप से आयोजित किया जा रहा है। 

उल्लेखनीय हैं कि गठजोड़ फिल्म्स के सी.ई.ओ. महावीर कुमार सोनी "प्राईड ऑफ भारत" Pride of Bharat अवार्ड के फाउंडर डायरेक्टर है, यह अवार्ड उन लोगों के लिए है, जिन्होंने किसी भी क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है या जिनके टैलेंट ने भारत का गौरव सम्पूर्ण विश्व में बढ़ाया है। ऐसे लोग प्राइड ऑफ भारत अवॉर्ड के लिए भी अपना नामांकन प्रेषित कर सकते हैं। 

सोनी ने बताया कि "प्राईड ऑफ भारत अवार्ड्स"  के बाद अब वह मिस्टर, मिस एवं मिसेस प्राइड ऑफ भारत कैटेगरी में पैजेंट शो लेकर आ रहे हैं।  शो में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति शो के फेसबुक पेज Mr, Miss & Mrs Pride of Bharat  पर जाकर इससे संबंधित जानकारी समय समय पर प्राप्त कर सकते हैं। 

Thursday, 14 December 2017

गुजरात चुनाव ने राहुल गाँधी को दी राष्ट्रीय स्तर पर नई लोकप्रियता

 गुजरात चुनाव ने राहुल गाँधी को दी राष्ट्रीय स्तर पर नई लोकप्रियता  
                                                लेख - महावीर कुमार सोनी 

गुजरात विधानसभा का चुनाव यूं तो देश के एक राज्य भर की विधानसभा का चुनाव है फिर भी इसने पूरे देश ही नहीं पूरे विश्व का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रखा है। इस चुनाव के परिणाम जानने के लिए पूरे देश की जनता बेसब्री से इंतजार में हैकब 18 दिसंबर आएगी औऱ कब यह निश्चित होगा कि उस दिन कौनसी राजनैतिक पार्टी के हित में वहां की जनता ने अगले पांच वर्षों हेतु अपना निर्णय सुनाया है।
गुजरात चुनाव के परिणाम चाहे किसी भी दल के पक्ष में आए किन्तु इस चुनाव ने राहुल गांधी का राजनैतिक कद बहुत ऊंचा कर दिया है वहीं लोकतंत्र की मजबूती एवं शासन सत्त्ता को विकेन्द्रित रखने की दृष्टि से भी अहम रोल अदा किया है।
वस्तुतः सत्ता किसी भी दल की होउसके विरुद्ध हमेशा एक सशक्त विपक्ष अवश्य रहना चाहिएजो सत्ता को गलत एवं अनुचित निर्णयों के लिए चेताता रहेअन्यथा कुछ अरसे बाद किसी भी दल में तानाशाही प्रवर्ति जन्म ले सकती हैजो आमजन के लिए किसी भी स्थिति में सही नहीं हो सकती। ये ही अहम लाभ आमजन के हित में हुआ है जिसमें मृत प्राण होती कांग्रेस में राहुल गांधी ने जान फूँक दी है। अन्यथा पिछले लोकसभा चुनाव में मात्र 44 सीट हासिल होने से कांग्रेस की स्थिति बड़ी दयनीय बनी हुई थी जिसके चलते उसे लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद तक हासिल न हो पाया था।
यद्यपि गुजरात विधानसभा चुनाव का भावी लोकसभा चुनाव से कोई सरोकार नही है किंतु प्रधानमंत्री के गृह राज्य होने एवं गुजरात के विकास मॉडल के प्रचार के रथ पर चलते उनके इस पद पर पहुंचने की एक विशेष भूमिका के चलतेइस चुनाव ने दोनों प्रमुख दलों के लिए अत्यन्त प्रतिस्पर्धी बना रखा थाजिसमें जीत के लिए दोनों दल कितनी प्रकार की रणनीतियां अपना रहे थेयह किसी से छिपा नहीं रहा है।
राहुल गांधी ने अत्यंत सौम्यता लिए हुए आक्रामक तेवर अपनाते हुए पिछले 22 सालों की भाजपा शासन की गुजरात में उपब्धियों,  विकास की बड़ी बातों एवं गुजरात मॉडल के विभिन्न मुद्दो पर अपनी सशक्त भाषण शैली द्वारा भाजपा नेताओं को एक तरह से निरुत्तर सा कर दिया थाजिसके चलते चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में हिंदुत्वराम मंदिरपाकिस्तानआंतकवादगुजराती अस्मिता जैसे मुद्दे लाकर  भाजपा नेताओं ने उनकी रणनीति को असफल करने का पूरा प्रयास कर दिया था।
राहुल गांधी द्वारा अत्यंत सशक्त रूप से उठाए गए जी. एस. टीआरक्षणनोटबन्दीबेरोजगारीविकासकर्ज माफीबिजलीपानी जैसे मुद्दे प्रचार के अंतिम दिनों में इस रूप में आगे कमजोर पड़ जावेंगेयह पूर्वानुमान राहुल गांधी एवं उनकी टीम को पूर्व में ही कर लेना चाहिए थाउन्हें किसी भी क्षण यह नहीं भूलना चाहिए था कि उनका सामना राजनीतिज्ञ रूप से अत्यंत परिपक्वराजनैतिक रणनीतियां अपनाने में सिद्धहस्तअत्यंत दूरदर्शी एवं वाकपटु राजनेता के रूप देश की सत्ता संभाले राजनेता नरेन्द्र मोदी के साथ साथ उनके साथ लगी हुई रणनीति बदलने में हर समय माहिर दक्ष नेताओं की टीम से हैजो हर समय कुछ भी बड़ा तीर छोड़ सकते हैजिसके चलते परिणाम उनकी पार्टी के पक्ष में जाते जाते कभी भी बदल सकते हैं।

किन्तु अब कुछ भी नहीं हो सकताअब तो 18 दिसम्बर का दिन ही बताएगा कि भाजपा एवं आर. एस. एस. की सदी हुई टीम द्वारा प्रचार के अंतिम दिनों में चले बाण कांग्रेस पर भारी पड़े हैं या राहुल गांधी द्वारा शुरू से उठाए जा रहे मुद्दों को ही जनता ने वरीयता दी है।


बहरहाल एक बात अवश्य हुई है कि इस चुनाव ने राहुल गांधी को पूरी तरह स्थापित कर दिया हैवे अपने ऊपर जबरदस्त रूप से प्रचारित कर थोपी गई पप्पू वाली छवि से निकलने में पूरी तरह सफल हुए हैंपूरी तरह बड़े कद के नेता के रूप में राष्ट्रीय स्तर की छवि बनाने में सफल हुए हैजिसके चलते इस चुनाव को कांटे की टक्कर का बनाने में राहुल गांधी ने पूरी तरह सफलता प्राप्त की हैयह कोई कम उपलब्धि नहीं है। राहुल गांधी के साथ बीजेपी जैसी स्टार प्रचारकों की बड़ी फ़ोर्स नहीं थीइसके बावजूद काफी अरसे से विभिन्न आरोप प्रत्यारोपों के चलते लगातार जनाधार खो रही कांग्रेस के विरुद्ध प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी पूरी टीम द्वारा एक राज्य भर के चुनाव पर जिस तरह फोकस किया गया हैसत्तारूढ़ दल द्वारा पूरी तरह शक्ति झोंक दी गई हैयह राहुल गांधी की स्थापित होती छवि को अपने आप उजागर कर रहा है। यह होना भी चाहिएशासन सत्ता किसी भी दल के पास रहेएक मजबूत विपक्ष हमेशा स्थापित रहना चाहिएआगामी लोकसभा चुनावों हेतु यह अच्छी बात है कि देश में विपक्ष की महत्ता को भी जनता पूरी तरह समझ सकेगी।

Wednesday, 14 June 2017

गोवा में आयोजित ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’ में भारत के 17 राज्यों सहित नेपाल,बांग्लादेश और श्रीलंका के 150 से अधिक हिन्दू संगठनों के 400 से अधिक प्रतिनिधि हो रहे हैं उपस्थित !

गोवा के षष्ठ ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’में राजस्थान के संत, संघटन आैर अधिवक्ताआें का सहभाग !


      ‘हिन्दू राष्ट्र’ की स्थापना हेतु हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों का राष्ट्रव्यापी संगठन निर्माण करने के उद्देश्य से षष्ठ ‘अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’ 14 जून से गोवा में प्रारम्भ हो रहा है । हिन्दू जनजागृति समितिमध्यप्रदेश के समन्वयक  श्रीयोगेश व्हनमारे ने बताया कि 17 जून तक चलनेवाले इस अधिवेशन में भारत के 17 राज्यों सहित नेपाल,बांग्लादेश और श्रीलंका के 150 से अधिक हिन्दू संगठनों के 400 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे । इसके लिए जोधपूर और अलवर से संघटनाआें के प्रतिनिधी एवं अधिवक्ता सम्मिलित होनेवाले हैं । हिन्दुत्वनिष्ठ दल सत्ता में होने पर भी हिन्दुआें की पिछले अनेक वर्षों से लंबित मांगें अभी तक पूर्ण नहीं हुई हैं । कश्मीरी हिन्दुआें का पुनर्वासधारा 370 निरस्त करना,गोवंश हत्या प्रतिबंधराममंदिर का पुनर्निर्माण आदि विषयों पर सरकार ने कोई भी ठोस भूमिका नहीं ली है । इसलिए हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों ने अब आगे बढकर हिन्दू राष्ट्र का उद्घोष जनता तक पहुंचाने के लिए इस अधिवेशन के माध्यम से निश्‍चय किया है । इस अधिवेशन में जोधपूर से रामस्नेही संप्रदाय (बडा रामद्वाराके पूज्य हरिराम शास्त्री महाराजअधिवक्ता मोतिसिंह राजपुरोहितजीअलवर से हिंदु युवा वाहिनी के अध्यक्ष श्रीप्रेम गुप्ता और सचिव श्रीराजन गुप्ता भी सम्मिलित हो रहे है ।